By | April 27, 2013
आविष्कार पर आविष्कार दुनिया को उस मुकाम पर पहुंचा देंगे जहां असंभव शब्द ही समाप्त हो जायेगा। एक समय था जब अंधों को अपना काम पूरा करने के लिए किसी के सहारे की जरुरत होती थी लेकिन आज दुनिया उस शताब्दी में पहुंच चुकी है जहां हर असंभव चीज संभव हो चूकी है। इसका ही नतीजा है की आज अंधे भी फोन चला सकते हैं।
यह एक ऐसा फोन है जिसके जरिये अंधे किसी को कॉल करने के साथ-साथ संदेश भी भेज सकते हैं। इस फोन में बटन की जगह हेप्टिक टच का प्रयोग किया गया है जिसके जरिये यूजर्स किसी लिपि,छवि या वीडियो को आसानी से भाप सकता हैं। इसके टच में ऐसे छोटे छोटे बटन दिए गए हैं जिसके ऊपर उंगलियां रखने से व्यक्ति आसानी से जान सकता है की उसे क्या करना है। इसमे एक ऐसी डिवाइस का प्रयोग किया गया है जो शब्दों को स्कैन करके उसी छवि में बदल सकती है। कुल मिलाकर एक अंधा व्यक्ति कोई भी एप्लीकेशन को छूकर समझ सकता है।
दुनिया का ये असंभव काम संभव हुआ है भारत की एक खोज से,जिसका पूरा श्रेय भारत के प्रतिभावान व्यक्ति सुमित डागर को ही जाता है। सुमित ने अपनी पढ़ाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन से पूरी की है। इसके आलावा सुमित डागर और उनकी टीम सी. आई.आई.ई. अहमदाबाद के लिए भी काम करते हैं। सुमित डागर ने अंधों के लिए ऐसी खोज करके तकनीकी दुनिया में जो तहलका मचाया है वो वास्तव में सराहनीय है!
उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर तीन साल पहले काम करना शुरू किया था। इसके साथ ही उन्होंने कई बड़ी कंपनियों में काम भी किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए आई.आई.टी. दिल्ली और एल. वी. प्रसाद आई इंस्टीट्यूट हैदराबाद के साथ भी काम किया है।

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